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राजभाषा

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राजभाषा

किसी भी राष्ट्र/देश की अपनी भाषा होती है। भारत जैसे विशाल देश में अनेक भाषाएँ बोली जाती है, जिनमें 18 भाषाओं केा प्रांतीय भाषा के रूप में मान्यता प्राप्त है, किन्तु हिन्दी एक ऐसी भाषा है जो देश के अधिकांश हिस्से में बोली और समझी जाती है, जिसके कारण 14 सितम्बर 1949 के दिन हिन्दी कोे भारतीय संविधान में लागू कर देश की राजभाषा का दर्जा दिया गया एवं सरकारी कार्यालयों में काम-काज की भाषा के रूप में हिन्दी को स्थापित किया गया। इसी कारण प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को ‘हिन्दी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

भारत के संविधान में अनुच्छेद 120 (1) और 343 से 351 तक भारत संघ की राजभाषा के संबंध में अलग-अलग उपबंध है। अनुच्छेद 343(1) में व्यवस्था है कि संघ की भाषा दवेनागरी लिपि में हिन्दी होगी और संघ के सरकारी प्रयोजनों के लिए भारतीय अंकों के अंतर्राष्ट्रीय रूप का प्रयोग होगा। अनुच्छेद 343(2) में राष्ट्रपति को अधिकार दिए गए है कि वे हिन्दी के प्रयोग को प्राधिकृत कर सकते हैं।

राजभाषा नियम - 1976 के अनुसार हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए सम्पूर्ण भारत को हिन्दी के प्रयोग के आधार पर तीन क्षेत्रों में बांटा गया है -

  1. बिहार, झारखण्ड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल आदि राज्य एवं संघ राज्य दिल्ली तथा अंडमान निकोबार द्वीप।
  2. गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब के राज्य एवं चण्डीगढ़ संघ राज्य।
  3. उपर्युक्त राज्यों एवं संघ राज्यों को छोड़कर अन्य राज्य एवं संघ राज्य।

सरकारी कार्यालयो में राजभाषा हिन्दी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिये आकाशवाणी जमशेदपुर में 15 से 30 सितंबर 2014 तक राजभाषा-पखवाड़ा का आयोजन हुआ जिसमे विभिन्न प्रतियोगिताओ के द्वारा हिन्दी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया ।